विचारों को पवित्र कैसे बनाएं
विचारो को पवित्र बनाने के उपाय बिना विचारे जो करे , सो पाछे पछिताय। काम बिगारै आपनो , जग में होय हंसाय।। -गिरिधर कविराय किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणाम को भलीभांति सोच ले।यह अच्छी तरह विचार कर ले कि आपने जो उपाय सोचे हैं उसका परिणाम शुभ होगा कि नहीं। बिना विचार किये ऐसा कोई कार्य न करे जिससे बाद में पछताना पड़े। विचारो को पवित्र बनाने के लिए सबसे पहले आपकी संगति शुद्ध होनी चाहिए , क्योंकि हमारी संगत या हमारा संग पवित्र व् सात्विक , धार्मिक विचारो वाला होगा तभी हमारा व्यवहार भी वैसा ही बन जायेगा और हमारे विचार भी पवित्र ही हो जायेंगे। हमारे विचार हमारे खान -पान पर भी निर्भर करते हैं ,संत हमेशा इसी बात पर जोर देते हैं कि आप जब भी भोजन करे , अपने प्रभु को अर्पित करके ही ग्रहण करे। जब आप प्रसादरूपी भोजन को ग्रहण करेंगे तो आप क...