कौन सर्वश्रेष्ठ है भक्ति या भगवान्
(परमार्थ के पत्र पुष्प ) भगवद्भक्ति सच्चा स्मरण उसे कहते हैं कि जब अपने नेत्र , त्वचा , मन , बुद्धि आदि के विषय केवल अपने इष्ट देव ही हो। नेत्र से यदि स्वान दिखाई पड़ा तो हमने उसे नीच समझकर उसको मारा , तिरस्कृत किया तो हमारा स्मरण खंडित हो गया...