भक्त सदन (सदना कसाई) जी का चरित्र | भगवान ने कसाई भक्त पर क्यों बरसाई कृपा?
भक्त सदन (सदना कसाई) जी का चरित्र – भगवान ने कसाई भक्त पर भी क्यों बरसाई कृपा? भूमिका भारतीय संत परंपरा में अनेक ऐसे भक्त हुए हैं जिन्होंने यह सिद्ध किया कि भगवान केवल बाहरी रूप, जाति या व्यवसाय नहीं देखते, बल्कि भक्त का निर्मल हृदय देखते हैं। ऐसे ही महान भक्तों में एक नाम है भक्त सदन जी , जिन्हें सदन कसाई के नाम से भी जाना जाता है। भक्त सदन जी कौन थे? भक्त सदन जी का जन्म कसाई परिवार में हुआ था। उनका पारिवारिक व्यवसाय मांस बेचना था, लेकिन उनका मन सदैव भगवान के नाम-स्मरण में लगा रहता था। वे अत्यंत सरल, दयालु और विनम्र स्वभाव के थे। शालिग्राम भगवान की अद्भुत लीला एक दिन एक संत ने देखा कि सदन जी जिस पत्थर से तराजू में तौलते हैं, वह वास्तव में शालिग्राम भगवान हैं। संत उन्हें अपने साथ ले गए। लेकिन उसी रात भगवान ने संत को स्वप्न में दर्शन देकर कहा— "मैं सदन की निष्कपट भक्ति से अत्यंत प्रसन्न हूँ। मुझे वापस उन्हीं के पास पहुँचा दो।" संत ने तुरंत भगवान को वापस सदन जी को सौंप दिया,और उन्हें शालिग्राम जी के महत्व को बताया। भगवान जगन्नाथ की यात्रा कुछ समय बाद सदन जी भगवान जग...