सफलता में देरी का मतलब असफलता नहीं है! (चीनी बांस की कहानी)
बांस की यह कहानी धैर्य (Patience) और दृढ़ता (Persistence) को समझाती हैं।
कहानी: "चीनी बांस का रहस्य"
एक बार एक व्यक्ति अपनी असफलताओं से बहुत परेशान हो गया था। उसने सोचा कि अब मेहनत करने का कोई फायदा नहीं है। वह एक ज्ञानी व्यक्ति के पास गया और पूछा, "मैं इतनी मेहनत करता हूँ, लेकिन मुझे सफलता क्यों नहीं मिलती? क्या मुझे हार मान लेनी चाहिए?"
ज्ञानी व्यक्ति उसे अपने बगीचे में ले गए और वहां लगे 'फर्न' (Fern) के छोटे पौधों और 'चीनी बांस' (Chinese Bamboo) के ऊँचे पेड़ों को दिखाया।
उन्होंने कहा, "जब मैंने फर्न और बांस के बीज बोए, तो मैंने दोनों की बहुत देखभाल की। पहले साल में फर्न बहुत जल्दी बढ़कर हरा-भरा हो गया, लेकिन बांस के बीज से कुछ भी बाहर नहीं निकला। मैंने हार नहीं मानी।"
"दूसरे, तीसरे और चौथे साल भी फर्न और घना होता गया, लेकिन मिट्टी के ऊपर बांस का नामो-निशान तक नहीं था। फिर भी मैंने उसे पानी देना और खाद डालना जारी रखा।"
"फिर पांचवें साल में, अचानक एक छोटा सा अंकुर मिट्टी से बाहर आया। और जानते हो क्या हुआ? अगले 6 हफ्तों के भीतर वह बांस का पेड़ 80 फीट से भी ज्यादा ऊँचा हो गया!"
ज्ञानी व्यक्ति ने उस व्यक्ति की आँखों में देखते हुए कहा, "क्या तुम्हें लगता है कि वह बांस का पेड़ सिर्फ 6 हफ्तों में इतना बड़ा हो गया? नहीं! उन 5 सालों में वह जमीन के नीचे अपनी जड़ें (Roots) मजबूत कर रहा था। अगर उन सालों में उसकी जड़ें मजबूत नहीं होतीं, तो वह इतनी ऊँचाई को संभाल ही नहीं पाता।"
सीख (Moral):
जब आप मेहनत कर रहे हों और परिणाम न मिल रहे हों, तो समझ लीजिए कि आपकी 'जड़ें' मजबूत हो रही हैं। आपकी सफलता में लगने वाला समय आपकी नींव को तैयार कर रहा है। बस धैर्य रखें और आगे बढ़ते रहें।
"क्या आप भी अपनी 'जड़ें' मजबूत करने के दौर से गुजर रहे हैं?कमेंट करके बताइए।
।।जय श्री राधे।।









