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gopi chadan

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गोपी चंदन क्या है ? गोपी तिलक क्यो लगाया जाता है ? कौनसे भक्त गोपी तिलक करते है? यु तो हम सभी ने देखा है कि सभी भक्त अपने माथे पर अलग अलग प्रकार के तिलक करते है| कोई लाल तिलक करता है तो कोई मिट्टी के रंग का तिलक करता है |और उनका लगाने का प्रकार भी सभी परम्पराओं मे भिन्न भिन्न प्रकार का होता है| जो भक्त भगवान श्री कृृष्ण को मानते है और वैष्णव सनातन धर्म पर चलते है | वे भक्त सदैव अपने मस्तक पर गोपीचंदन के तिलक का उपयोग करते है| गोपी तिलक क्यो किया जाता है ? एक तो अगर हम संसारिक दृष्टिकोण से देखेगे तो ,उसे हम ऐसे देख सकते है, कि जिस प्रकार हर देश का अपनी अपनी एक पहचान होती है, अर्थात उनके झंडे के रुप में| जैसे हम अगर किसी क झंडा दिखायेगे तो सामने वाला व्यक्ति समझ जायेगा कि हम भारत से है| ऐसे ही जब कोई भक्त वैष्णव परम्परा ग्रहण करता है तो गोपी तिलक करता है | या दुसरे उदारण से हम इसे ऐसे समझ सकते है , कि जैसे हर एक स्कुल की अपनी एक अलग युनिर्फाम होती है | जिसे हमे पता चलता है कि ये बच्चा किस स्कुल का है| बस इसी प्रकार गोपीचंदन का तिलक भी...

देवराहा बाबा के अमृत वचन सेवा,सहानुभूति और उदारता

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   देवराहा बाबा के अमृत वचन सेवा,सहानुभूति और उदारता                            (ब्रह्मलीन योगिराज श्रीदेवराहा बाबाजी के अमृत वचन )         प्रेम ही सृष्टि हैं , सबके प्रति प्रेम भाव रखो।                 भूखो को रोटी देने में और दुखियों के आसूं पोछने में जितना पुण्य लाभ होता हैं और , उतना वर्षो के जप तप भी नहीं होता।         परमात्मा  पृथक कुछ भी नहीं हैं। यह सर्व्यापक ईश्वर प्रकृति के कण -कण  व्याप्त हैं। अतः चराचर को भगवत स्वरूप मानकर सबकी सेवा करो।         गीता का सार हैं , दुखी को सांत्वना तथा कष्ट में सहायता देना एवं उन्हें दुःख भय  से मुक्त करना।          आत्मचिंतन , दैन्य -भाव और सदगुरु  की सेवा इन तीनो बातों को कभी मत भूलो।         प्रतिदिन  यथासाध्य कुछ- न -कुछ दान अवश्य करों ,इससे त्याग की प्रवृ...

राम रक्षा स्तोत्र हिदी में

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         प्रभु हमारी हर संकट से रक्षा करें एक मात्र केवल और केवल उन्ही का सहारा हैं                        राम रक्षा स्तोत्र हिदी में                                  आज मैं आप सबके सामने एक ऐसे स्तोत्र के रखना चाहती हूँ, जिसके महत्व की जानकारी  मेने जाने कितनी बार विभिन्न पत्रिकाओ में एवं ,गुरु जी के .श्री मुख से सुनी हैं। बहुत से लोगो ने अपने साथ होने वाले आश्चर्यजनक अनुभव के बारे में भी बताया हैं जो कि बिलकुल सत्य थी। बल्कि मैंने स्वंय महसूस किया  कि अगर इस  पाठ को पूरी निष्ठा के साथ किया जाए  तो यह चमत्कार दिखलाता हैं। किसी को भी जब कोई समस्या का समाधान न मिल रहा हो तो एक बार जरूर विश्वास के साथ इस पाठ  को करें, अवश्य ही लाभ होगा।  यह मैं हिंदी में ही करने की सलाह दूँगी , ताकि कोई गलती न हो। पाठ इस  प्रकार हैं -              ...