(बिल्वाष्टकम्) शिव जी को बिल्वपत्र (बेल का पत्ता)अर्पण करते समय बोलने वाला मंत्र
बिल्वाष्टकम् यह महीना सावन का है। इन दिनों भगवान शिव जी की पूजा का विशेष महत्व होता है और बिल्वपत्र यानी बेल का पत्ता भगवान शिव को बहुत प्रिय है ।बेलपत्र को अर्पण करते समय बिल्वाष्टकम् मंत्र को बोला जाता है। त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्र ं च त्रयायुधम । त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्र ं शिवार्पणम्।। तीन दलवाला ,सत्त्व,रज एवं तमःस्वरूप,सूर्य,चन्द्र तथा अग्नि-त्रिनेत्रस्वरूप और आयुधत्रय स्वरूप ,तथा तीनोजन्मो के पापो को नष्ट करने वाला बिल्वपत्र मै भगवान शिव के लिये समर्पित करता हूँ।।१।। त्रिशाखैर्बिल्वपत्र ेश्च ह्मच्छिद्रैः कोमलैः शुभैः। शिवपूजां करिष्यामि बिल्वपत्रेणं शिवार्पणम्।। छिद्र रहित ,सुकोमल, तीन पत्ते वाले ,मंगल प्रदान करने वाले बिल्वपत्र से मैं भगवान शिव की पूजा करूंगा। यह बेलपत्र शिव को समर्पित करता हूं। अखंडबिल्वपत्रेण पूजिते नन्दिकेश्वरे । शुद्धयन्ति सर्वपापेभ्यो बिल्व...