शिव तांडव स्त्रोत हिंदी अनुवाद के साथ
शिव तांडव स्त्रोत (हिंदी में) कहते हैं कि देवों के देव महादेव की उपासना इंसान को जीवन-मृत्यु में के काल चक्र से मुक्ति दिला देती है. शिव की अराधना में तांडव स्तोत्र का पाठ करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद आजीवन संकट से बचाने के लिए कवच का काम करता है. जटा टवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले, गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्ग तुङ्ग मालिकाम् | डमड्डमड्डमड्डमन्निनाद वड्डमर्वयं, चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ||१|| जिन्होंने जटा रूपी वन से निकलती हुई गंगा जी के गिरते हुए प्रभाव से पवित्र किए गए गले में सर्पों की लटकती हुई विशाल माला को धारण कर ,डमरु के डम डम शब्दों से मंडित प्रचंड तांडव किया वह शिवजी हमारा कल्याण करें।। 1।। जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिम्प निर्झरी, विलो लवी चिवल्लरी विराजमान मूर्धनि | धगद् धगद् धगज्ज्वलल् ललाट पट्ट पावके किशोर चन्द्र शेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ||२|| जिनका मस्तक जटा रूपी कड़ाह में वेग से घूमती हुई गंगा जी के चंचल तरंग लताओं से सुशोभित ...