श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्त्रोत का अर्थ
श्री कृष्ण कृपा कटाक्ष स्त्रोत(हिंदी में) भावार्थ= ब्रजमंडल के भूषण तथा समस्त पापों के नाश करने वाले सच्चे भक्त के चित्त में विहार कर आनंद देने वाले नंदनंदन का मै सर्वदा भजन करता हूं। जिनके मस्तक पर मनोहर मोर पंखों के गुच्छे हैं। जिनके हाथों में सुरीली मुरली है तथा जो प्रेम तरंगों के समुंद्र हैं उन् नटनागर श्री कृष्ण भगवान को मेरा नमस्कार है। कामदेव का गर्व नाश करने वाले बड़े-बड़े चंचल लोचनों वाले, ग्वाल बालों का शौक नष्ट करने वाले, कमल लोचन को मेरा नमस्कार है। कर कमल पर गोवर्धन पर्वत धारण करने वाले, मुस्कान युक्त सुंदर चितवन वाले, इंद्र का मान मर्दन करने वाले, गजराज के सदृश मत्त श्री कृष्ण भगवान को मेरा नमस्कार है। कदम्ब पुष्पों के कुंडल धारण करने वाले, अत्यंत सुंदर गोल कपोलों वाले, ब्रिजांगनाओं के लिए ऐसे परम दुर्लभ श्री कृष्ण भगवान को मेरा नमस्कार है। ग्वाल बाल और श्री नंद राय जी के सहित मोदमयी यशोदा जी को आनंद देने वाले श्री गोप नायक को मेरा नमस्कार है। मेरे हृदय में सदा अपने चरण कमलों को स्थापन ...