🌹🌹 मनुष्य जन्म में सत्संग मिल जाए, गीता जैसे ग्रंथ से परिचय हो जाए ,भगवान नाम से परिचय हो जाए ,तो साधक को यह समझना चाहिए कि भगवान ने बहुत विशेषता से कृपा कर दी है, अतः अब तो हमारा उद्धार होगा ही । अब आगे हमारा जन्म- मरण नहीं होगा ,कारण कि अगर हमारा उद्धार नहीं होना होता, तो ऐसा मौका नहीं मिलता।
---ब्रह्मलीन , श्रद्धेय स्वामी रामसुखदास जी
