महादेव को प्रसन्न करने के 14 अचूक तरीके: रुद्राभिषेक सामग्री, महत्त्व और मंत्र
महादेव को प्रसन्न करने के 14 अचूक तरीके: रुद्राभिषेक सामग्री, महत्त्व और मंत्र "सर्वदेवात्मको रुद्रः सर्वे देवाः शिवात्मकाः।" अर्थात् सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र निवास करते हैं और सभी देवता शिव के ही स्वरूप हैं। सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना के यूं तो अनेक मार्ग हैं, परंतु 'रुद्राभिषेक' को समस्त कष्टों के निवारण, आध्यात्मिक चेतना की जागृति और भौतिक सुखों की प्राप्ति का सर्वोत्तम और अचूक माध्यम माना गया है। प्रस्तावना: रुद्राभिषेक क्या है और इसका महत्व रुद्राभिषेक दो शब्दों के मेल से बना है - 'रुद्र' और 'अभिषेक'। रुद्र भगवान शिव का अत्यंत ऊर्जावान, संहारक और साथ ही परम कल्याणकारी रूप है। अभिषेक का अर्थ है स्नान कराना या पवित्र धाराओं से सिंचन करना। यजुर्वेद के रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों का सस्वर पाठ करते हुए शिवलिंग पर विभिन्न पवित्र द्रव्यों की धारा अर्पित करना ही रुद्राभिषेक कहलाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति और लय के अधिपति महादेव जब रौद्र रूप में होते हैं, तो उन्हें शांत करने और सृष्टि के संतुलन ...