दुर्गा नवमी 2025 का महत्व, पूजा विधि और व्रत नियम जानें। मां सिद्धिदात्री की पूजा, कन्या पूजन और दान का विशेष महत्व। महानवमी से प्राप्त करें सुख-समृद्
🌺 दुर्गा नवमी (महानवमी) – महत्व, पूजा विधि और व्रत ✨ दुर्गा नवमी क्या है? दुर्गा नवमी, शारदीय नवरात्रि का नवां दिन है। इस दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इसी दिन महिषासुर का वध हुआ और देवी दुर्गा ने धर्म की पुनः स्थापना की। 🕉️ दुर्गा नवमी का महत्व इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं। मां सिद्धिदात्री की कृपा से विद्या, बुद्धि और आध्यात्मिक शक्तियों की प्राप्ति होती है। इस दिन कन्या पूजन (कन्या भोज) का विशेष महत्व है। नवमी का व्रत करने से घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। 🌼 दुर्गा नवमी पूजा विधि प्रातःकाल स्नान कर घर को स्वच्छ करें और पूजास्थल को सजाएँ। देवी मां की मूर्ति या चित्र स्थापित कर गंगाजल से शुद्धिकरण करें। लाल फूल, चुनरी, नारियल, फल और मिठाई अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती या देवी के 108 नामों का पाठ करें। कन्या पूजन करें – 9 छोटी कन्याओं और 1 छोटे बालक (लंगूर) को आमंत्रित कर उन्हें भोजन कराएँ और उपहार दें। दीपक जलाकर आरती करें और प्रसाद बाँटें। 🌸 दुर्गा नवमी पर क्या करें? गरीबों और ...