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शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

माँ दुर्गा के 108 नाम (संस्कृत + सरल अर्थ)

      माँ दुर्गा के 108 नाम (संस्कृत + सरल अर्थ)



१. दुर्गा – कठिनाइयों को दूर करने वाली
२. देवी – सबकी आराध्या शक्ति
३. त्र्यंबका – तीन नेत्रों वाली
४. काली – समय और मृत्यु की अधिष्ठात्री
५. कात्यायनी – ऋषि कात्यायन की पुत्री
६. चामुंडा – चंड और मुंड का वध करने वाली
७. महिषासुरमर्दिनी – महिषासुर का वध करने वाली
८. चंडिका – क्रोधमूर्ति
९. भवानी – संसार की माता
१०. भव्या – कल्याणमयी

११. जया – सदैव विजय देने वाली
१२. आद्या – आदिशक्ति
१३. विन्ध्यवासिनी – विंध्याचल में वास करने वाली
१४. रुद्राणी – रुद्र की अर्धांगिनी
१५. शिवा – मंगलमयी
१६. शर्वाणी – भगवान शंकर की शक्ति
१७. अम्बिका – सबकी माता
१८. आनन्दमयी – आनंद देने वाली
१९. भवप्रिया – भक्तों को प्रिय
२०. भद्रकाली – कल्याण करने वाली काली

२१. शूलधारिणी – त्रिशूल धारण करने वाली
२२. खड्गधारिणी – खड्ग (तलवार) वाली
२३. घण्टायुधध्वनि – घंटी की ध्वनि से दुष्टों को भयभीत करने वाली
२४. शंखिनी – शंख धारण करने वाली
२५. चक्रिणी – चक्र धारण करने वाली
२६. धनुर्धारिणी – धनुष वाली
२७. पिनाकधारिणी – पिनाक (शिवधनुष) धारण करने वाली
२८. शक्तिधारिणी – शक्ति (भाला) धारण करने वाली
२९. खड्गमुण्डधारिणी – खड्ग व मुण्ड धारण करने वाली
३०. सिंहवाहिनी – सिंह पर आरूढ़

३१. महालक्ष्मी – धन-समृद्धि देने वाली
३२. महाकाली – महान शक्ति रूपी काली
३३. महासरस्वती – ज्ञान की अधिष्ठात्री
३४. त्रिनेत्री – तीन नेत्रों वाली
३५. त्रिशूलिनी – त्रिशूल वाली
३६. खड्गिनी – तलवार धारण करने वाली
३७. भीषणा – भयानक रूप वाली
३८. भीमरूपा – अत्यंत प्रचंड रूप वाली
३९. स्कन्दमाता – स्कन्द (कार्तिकेय) की माता
४०. पार्वती – पर्वतराज हिमालय की पुत्री

४१. हेमवती – स्वर्ण के समान कान्तिवाली
४२. गिरिजा – पर्वत से उत्पन्न
४३. शैलजा – शैल (पर्वत) की पुत्री
४४. दक्षयज्ञविनाशिनी – दक्ष के यज्ञ का विनाश करने वाली
४५. सती – पतिव्रता
४६. भवानी – संसार की माता
४७. जगन्माता – जगत की जननी
४८. जगद्धात्री – जगत की धारिणी
४९. जगदम्बा – जगत की अम्बा
५०. जगद्गुरु – जगत को ज्ञान देने वाली

५१. त्रैलोक्यसुन्दरी – तीनों लोकों में सुन्दरी
५२. सर्वेश्वरी – सबकी अधीश्वरी
५३. सर्वमङ्गला – सर्वकल्याणमयी
५४. सर्वकारणरूपिणी – समस्त कारण की मूर्ति
५५. ब्रह्मस्वरूपिणी – ब्रह्म की स्वरूप
५६. विष्णुमाया – विष्णु की माया
५७. ईश्वरी – ईश्वर की शक्ति
५८. नारायणी – भगवान विष्णु की सहचरी
५९. वैष्णवी – विष्णु की शक्ति
६०. महादेवी – महान देवी

६१. महेश्वरी – महेश्वर की अर्धांगिनी
६२. चण्डेश्वरी – चण्ड रूपिणी
६३. कालरात्रि – अंधकार को हरने वाली
६४. शम्भवी – शंकर की शक्ति
६५. गौरी – गोरी, सौम्य स्वरूपा
६६. सौम्या – शान्त रूप वाली
६७. भीमा – भयंकर रूप वाली
६८. दुर्गातरणी – कठिनाइयों से पार लगाने वाली
६९. दुर्गनाशिनी – संकट दूर करने वाली
७०. दुर्गमप्रणाशिनी – कठिन बाधाओं का नाश करने वाली

७१. दुर्गदाहिनी – कष्टों का दहन करने वाली
७२. दुर्गमापहा – दुर्गम को हरने वाली
७३. दुर्गमार्तिनाशिनी – कठिन पीड़ा का नाश करने वाली
७४. दुर्गमदहनकरी – बाधाओं को जलाने वाली
७५. दुर्गसङ्घारिणी – बाधाओं को मिटाने वाली
७६. दुर्गतोद्धारिणी – दुर्गति से बचाने वाली
७७. दुर्गविनाशिनी – कष्ट हरने वाली
७८. दुर्गमापहा – दुष्टता मिटाने वाली
७९. दुर्गहन्त्री – दुष्टों का हरण करने वाली
८०. दुर्गमशमनी – संकट शान्त करने वाली

८१. शरण्ये – शरण देने वाली
८२. त्राहि – रक्षक रूपिणी
८३. भीतिहन्त्री – भय को हरने वाली
८४. भयप्रहा – भय मिटाने वाली
८५. मोक्षदायिनी – मुक्ति देने वाली
८६. कामदायिनी – मनोकामना पूर्ण करने वाली
८७. धर्मधारिणी – धर्म की रक्षिका
८८. धर्मसंरक्षिणी – धर्म की संरक्षिका
८९. सुखप्रदा – सुख देने वाली
९०. शान्तिदायिनी – शांति देने वाली

९१. सौख्यप्रदा – जीवन में आनन्द देने वाली
९२. आयुष्प्रदा – आयु देने वाली
९३. आरोग्यप्रदा – आरोग्य देने वाली
९४. ऐश्वर्यप्रदा – वैभव देने वाली
९५. पुत्रप्रदा – संतान देने वाली
९६. विद्यारूपिणी – ज्ञान स्वरूपिणी
९७. भोगप्रदा – भोग देने वाली
९८. यशस्विनी – यश देने वाली
९९. तेजस्विनी – तेजस्विनी
१००. कीर्तिदायिनी – कीर्ति देने वाली

१०१. वैरिनाशिनी – शत्रु नाशिनी
१०२. दुष्टदमनकरी – दुष्टों का दमन करने वाली
१०३. सौम्यरूपा – सौम्य स्वरूपिणी
१०४. करुणामयी – दयामयी
१०५. कृपामयी – कृपा की मूर्ति
१०६. भक्तवत्सला – भक्तों को स्नेह देने वाली
१०७. सर्वान्तर्यामिनी – सबके भीतर वास करने वाली
१०८. सर्वमङ्गला – सबका कल्याण करने वाली


इन नामों का माला जप (108 बार), या रोज़ केवल 11/21 नाम पढ़ना भी बहुत शुभ माना जाता है।
विशेषकर नवरात्रि, शुक्रवार या अष्टमी के दिन इनका पाठ करने से माँ की कृपा शीघ्र मिलती है।


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जय श्री राधे

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