in

इस कलयुग में केवल भगवान का नाम ही बचा सकता है।

                                                                                                                     इस कलयुग में भगवन्न नाम महिमा


संसार में अनेक रोग हैं ,और उनकी अलग -अलग औषधियाँ हैं ,परन्तु राम नाम तो सभी रोगों की रामबाण औषधि हैं। शोक ,मोह ,लोभ आदि सभी रोगों के लिए एक राम नाम ही महा औषधि हैं।
कलियुग में नाम स्मरण करके ही दोषो से बचा जा सकता हैं। अन्यथा समय के प्रभाव से बचना कठिन हैं।
भगवान  के नाम , रूप , लीला और धाम ये चारों सच्चिंदानन्दमय हैं। एक को पकड़ने से चारों पकड़ में आ जाते हैं। सुलभ एवं शक्तिमान होने से नाम ही चारों में श्रेष्ठ हैं। नाम में लीला भरी हैं। राम में रामायण , कृष्ण नाम में भागवत पुराण स्थित हैं। नाम को पुकारने से रूप का आकर्षण होता हैं। नाम में धाम =तेज और धाम =लीला भूमि ये व्याप्त हैं। बट बीज में जैसे विशाल वृक्ष व्याप्त
उसी प्रकार नाम में सब कुछ हैं। नाम का आश्रय लेने से रूप , लीला , और धाम का आश्रय हो जाता हैं।
जन्म -जन्म के अशुभ संस्कारों को मिटाने के लिए निरन्तर नाम जप आदि साधन आवश्यक हैं। श्रेष्ठ नाम स्मरण  ही हैं। दूसरे साधन के योग्य हम नहीं हैं। आवश्यक काम करने के बाद या काम करते करते भी नाम जप का अभ्यास करते रहना चाहिए। 
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।
 हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।।

Featured Post

चैत्र नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य – क्यों यह साल की सबसे पवित्र शुरुआत है?

🌸 चैत्र नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य – क्यों यह साल की सबसे पवित्र शुरुआत मानी जाती है? ✨ प्रस्तावना भारत की संस्कृति में हर त्योहार केवल उ...