संत ,सदगुरु गण्डकी नदी की तरह होते हैं ,जिसमे पड़ा हुआ तेड़े से तेड़ा पत्थर भी घिस घिसकर शालिग्राम हो जाता हैं और पूजनीय बन जात
इस ब्लॉग में परमात्मा को विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं में एक अद्वितीय, अनन्त, और सर्वशक्तिमान शक्ति के रूप में समझा जाता है, जो सृष्टि का कारण है और सब कुछ में निवास करता है। जीवन इस परमात्मा की अद्वितीयता का अंश माना जाता है और इसका उद्देश्य आत्मा को परमात्मा के साथ मिलन है, जिसे 'मोक्ष' या 'निर्वाण' कहा जाता है। हमारे जीवन में ज्यादा से ज्यादा प्रभु भक्ति आ सके और हम सत्संग के द्वारा अपने प्रभु की कृपा को पा सके। हमारे जीवन में आ रही निराशा को दूर कर सकें।
यह ब्लॉग खोजें
मंगलवार, 26 मई 2015
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Featured Post
क्या आप भी जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे हैं? जानिए कैसे एक टूटा हुआ मन परमात्मा से जुड़ने का माध्यम बन सकता है और कैसे आप फिर से आंतरिक शांति पा सकते हैं।
क्या आप भी जीवन के कठिन दौर से गुजर रहे हैं? जानिए कैसे एक टूटा हुआ मन परमात्मा से जुड़ने का माध्यम बन सकता है और कैसे आप फिर से आंतरिक शांत...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
अगर आपको मेरी post अच्छी लगें तो comment जरूर दीजिए
जय श्री राधे