पापों का नाश कैसे हो?

                       पापों का नाश कैसे हो?
                     परमार्थ के पत्र पुष्प से



दुष्ट चित्त से भी स्मरण किया गया भगवान का नाम पापों का नाश करता है। जैसे अग्नि अनजाने में भी स्पर्श करने पर जला देती है। अतः हरि यह नाम हैं।सभी के पाप तापों को हरते है।अपने श्रवण कीर्तन द्वारा भक्तों के मन को हरते हैं। अतः उसका नाम हरा हैं जो कृष्ण के मन को भी हरता है।इसलिए ’हरे राम हरे राम’ मंत्र में  प्रयुक्त हरे का अर्थ है हे राधे । ’कृष’ आकर्षण करने वाला ’ण’ आनंददायक हैं।
रा का उच्चारण करने से पाप बाहर निकल जाते हैं।फिर का उच्चारण करने से कपाट बंद हो जाते हैं,फिर मुख के बंद हो जाने पर पाप प्रवेश नहीं कर पाते हैं। अतः  हरे राम यह महामंत्र विधि ,अवधि जैसे भी जपा जाए कलियुग में विशेष फलप्रद है।

(दादा गुरु भक्तमाली जी महाराज के श्री मुख से परमार्थ के पत्र पुष्प से)

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