शनि शिंगणापुर

                                 शनि शिंगणापुर 

शनि शिंगणापुर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो शनि देव को समर्पित है। यह गांव और मंदिर अपने अनोखे विश्वासों और परंपराओं के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

मुख्य विशेषताएँ :

1. शनि देव की मूर्ति नहीं, शिला है:

यहाँ शनि देव की कोई मूर्ति नहीं है, बल्कि एक काली पत्थर की शिला (लगभग 5 फीट 9 इंच ऊँची) है, जिसे लोग शनि देव का स्वरूप मानते हैं।

2. मंदिर में कोई छत नहीं:

यह मंदिर खुले आकाश के नीचे स्थित है। शनि देव की शिला किसी भी छाया में नहीं रहती, यह माना जाता है कि शनि देव आकाश के देवता हैं और उन्हें छाया पसंद नहीं।

3. गांव में ताले नहीं लगते:

शनि शिंगणापुर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहाँ किसी भी घर, दुकान या बैंक में दरवाजे या ताले नहीं होते। लोगों का विश्वास है कि शनि देव की कृपा से यहाँ चोरी नहीं होती। यदि कोई चोरी करता है, तो शनि देव खुद उसे दंडित करते हैं।

4. महिलाओं की प्रवेश परंपरा:

पहले महिलाओं को शिला के पास जाकर पूजा करने की अनुमति नहीं थी, लेकिन 2016 के एक आंदोलन और न्यायालय के आदेश के बाद महिलाओं को भी शनि शिला पर चढ़कर पूजा करने की अनुमति दी गई

इतिहास से जुड़ी मान्यता:

लोककथाओं के अनुसार, कई सौ साल पहले एक किसान को खेत में एक काली शिला मिली, जिससे खून निकलने लगा। रात को उसे सपने में शनि देव ने दर्शन दिए और बताया कि वह स्वयंभू रूप में प्रकट हुए हैं और यहीं उनकी पूजा की जाए।

कैसे पहुँचे:

शनि शिंगणापुर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जो शनि देव को समर्पित है। यह गांव और मंदिर अपने अनोखे विश्वासों और परंपराओं के कारण देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

मुख्य 

अगर आप शनि देव की विशेष पूजा, शनि दोष निवारण या उनकी कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो शनि शिंगणापुर एक महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक स्थल है।



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

श्री राधा कवच

भजन- गोवर्धन वासी सांवरे तुम बिन रहा न जाए-------

क्या आप जल्दी ही सभी दुखों से मुक्ति चाहते हैं तो श्री रामायण मनका 108 का हफ्ते में एक बार पाठ जरूर करें।

आपके कल्याण की पक्की गारंटी, छप्पय छंद

भगवान श्रीकृष्ण ने अपने माता-पिता के लिए बनाये थे - ब्रज में चार धाम

राम रक्षा स्तोत्र हिदी में

जब मन दुखी हो तो क्या करें?