🌺 जानकी कृपा कटाक्ष स्तोत्र 🌺
(सीता माता के कृपा-दृष्टि के लिए अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र)
यह स्तोत्र माता सीता (जानकी) की करुणा, कृपा और रक्षा की याचना हेतु पढ़ा जाता है। इसे प्रतिदिन सुबह या शाम, स्वच्छ स्थान पर, दीपक जलाकर श्रद्धा से पढ़ें।
॥ जानकी कृपा कटाक्ष स्तोत्र ॥
जय सीता-राम
श्रीमती जानकी देवीं !
शरणागतवत्सले !
प्रसन्ना भव मे नित्यं
रमया सहिताऽनघे !! १ !!
कृपा कटाक्ष-दृष्ट्या त्वं
शरण्ये भक्तवत्सले !
प्रसन्ना भव मे नित्यं
जनकस्य आत्मजा शुभे !! २ !!
रक्ष रक्ष जगन्मातः
मम त्वं भक्तवत्सले !
त्वया रक्षतः सर्वं
मम शत्रु विनश्यतु !! ३ !!
त्वत्पाद-पंकज-द्वन्द्वं
भजामि सततं मुदा !
सीते त्वं करुणा-मूर्ते !
दीनानाथ विनोदिनि !! ४ !!
जानकी त्वं जगद्बीजं,
भाव्या सर्वार्थसिद्धये !
त्वत्पाद-रजसाऽऽलभ्यं
सर्वं स्यादिति मे ध्रुवम् !! ५ !!
त्वं माता सर्वलोकानां
त्वं नाथा सर्वसिद्धिदा !
त्वत्पाद-हृदयानन्दं
लब्ध्वा मोदं उपेयुषे !! ६ !!
इति स्तुत्वा महाभागां
सीतां भक्त्या समन्वितः !
प्राप्नुयात्सकलान् कामान्
विद्या आरोग्यम् ऐश्वर्यम् !! ७ !!
॥ इति श्री जानकी-कृपा-कटाक्ष-स्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
पाठ के लाभ
🌼 फायदे और फल:
- घर में शांति और सुख प्रदान करता है
- जीवन में अड़चनों और बाधाओं को दूर करता है
- दांपत्य प्रेम और सामंजस्य बढ़ाता है
- आर्थिक और मानसिक स्थिरता देता है
- संतान, विवाह और संतान-सुख में सहायक
कैसे और कब पढ़ें
📿 दिन: मंगलवार, शुक्रवार या नवरात्रि में विशेष फल
🕯 स्थान: राम-सीता के चित्र या मंदिर के सामने
🪔 संकल्प: "सीता राम" का स्मरण
माला: तुलसी या रुद्राक्ष
समर्पण: पीला पुष्प, अक्षत, चंदन
संक्षिप्त मंत्र
जिन्हें पूरा स्तोत्र न आता हो, वे यह लघु-स्तुति रोज पढ़ें:
"सीते रामाभिरामे शुभदाम नमो नमः"
।।जय सियाराम।।






