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मनन के लिए श्री गुरु के शब्द

                       मनन के लिए श्री गुरु के शब्द

सेवा का अर्थ है ,बिना किसी अपेक्षा या शर्त के अपना समय और अपनी शक्ति अर्पित करना और इस तरह से,पूर्ण स्वतंत्रता के साथ काम कर पाना।
सेवा का अर्थ है ,उच्चतम उद्देश्य के लिए कार्य करना,
दूसरे मनुष्य की योग्यता को पहचानते हुए कार्य करना और जीवन के मूल्यों को ध्यान में रखना।
सेवा का अर्थ है ,कार्य को ऐसे करना जैसे पूजा का एक रूप हो ,भगवान की महिमा गाने का
एक तरीका हो, परमोच्च प्रेम के लिए किया गया एक अर्पण हो ।

गुरु माई चिद्विलासानन्द

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