भगवान और भगवान के भक्तो को प्रणाम करने से भी कष्ट दूर हो जाते है।


भगवान और भगवान के भक्तो को प्रणाम करने से भी कष्ट दूर हो जाते है।
गुरूदेव मलूकापीठेश्वर,वृन्दावन

भगवान का सिमरन करो पद वंदन करो तो सारे विघ्न नष्ट हो जाते हैं। गुरु का पद वंदन करो तो भी सारे कष्ट, नष्ट हो जाते हैं। भक्तों का पद वंदन करो, तो भी सारे कष्ट, विघ्न, नष्ट हो जाते हैं। इसका एक उदाहरण है कि आमिर के राजा माधव सिंह छोटे भाई थे उनकी पत्नी श्री रत्नावती जी, पहले तो उनकी भक्ति का विरोध किया लोगों ने। लेकिन फिर बाद में उनकी भक्ति का लोहा मान लिया लोगों ने, और परिवार वालों ने, कि यह भक्ति दिखावा नहीं है सच्ची भक्ति है। इसके बाद मान सिंह और माधव सिंह दोनों कहीं नोका में बैठकर कहीं जा रहे थे और नोका आपद् ग्रस्त हो गई लगा कि दोनों डूब जाएंगे। तो मानसिंह ने कहा कि अब क्या करना चाहिए,तो कहा कि आपकी अनुज बधू रत्नावती भक्त है और सिद्ध कोटि की भक्त हैं, उनका स्मरण करें उनका पद वन्दन करें, उनके नाम की दुहाई दे,नैया पार लग जाएगी।तो सचमुच में रत्नावती जी के नाम की दुहाई की, पद वंदन किया, सिमरन किया तो नासे विघ्न अनेक।मान सिंह जी ने इच्छा व्यक्त की कि मैं उनका दर्शन करना चाहता हूं। आ गए दर्शन करने के लिए और दर्शन करके इनको बड़ी प्रसन्नता हुई और बढ़ाई करने लगे तो रत्नावती जी ने कहा इससे मेरी कोई विशेषता नहीं थी, ठाकुर जी की कृपा और  भक्ति महारानी की कृपा थी। जिनके हृदय में भक्ति महारानी आकर विराजमान हो जाए उनका माया कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है 

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