हमें भी मन से हार नहीं माननी चाहिए और निरंतर भगवान के नाम जप का अभ्यास करते रहना चाहिए।
सत्संग में रुचि से क्या फायदा होता है? एक शख्स सुबह सवेरे उठा साफ़ कपड़े पहने और सत्संग घर की तरफ चल दिया ताकि सत्संग का आनंद प्राप्त कर सके। चलते चलते रास्ते में ठोकर खाकर गिर पड़ा।कपड़े कीचड़ से सन गए वापस घर आया। कपड़े बदलकर वापस सत्संग की तरफ रवाना हुआ, फिर ठीक उसी जगह ठोकर खा कर गिर पड़ा और वापस घर आकर कपड़े बदले। फिर सत्संग की तरफ रवाना हो गया। जब तीसरी बार उस जगह पर पहुंचा तो क्या देखता है की एक शख्स चिराग हाथ में लिए खड़ा है और उसे अपने पीछे पीछे चलने को कह रहा है। इस तरह वो शख्स उसे सत्संग घर के दरवाज़े तक ले आया। पहले वाले शख्स ने उससे कहा आप भी अंदर आकर सतसंग सुन लें। लेकिन वो शख्स चिराग हाथ में थामे खड़ा रहा और सत्संग घर में दाखिल नही हुआ। दो तीन बार इनकार करने पर उसने पूछा आप अंदर क्यों नही आ रहे है ...? दूसरे वाले शख्स ने जवाब दिया *"इसलिए क्योंकि मैं काल हूँ, ये सुनकर पहले वाले शख्स की हैरत का ठिकाना न रहा। काल ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा मैं ही था जिसने आपको ज़मीन पर गिराया था। जब आपने घर जाकर कपड़े बदले और दु...