शुभ विचार

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मनुष्य में जो विशेषता  आती हैं ,वह भगवान से ही आती हैं। अगर भगवान में विशेषता न होती तो मनुष्य में  केसे आती।  जो विशेषता बीज में नहीं होंगी ,तो वृक्ष में केसे आएगी।  



यदि कोई सिर्फ और सिर्फ मुझको देखता है और मेरी लीलाओं को सुनता है और खुद को सिर्फ मुझमें समर्पित करता है तो वह भगवान तक पंहुच जायेगा.



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