प्रभु की कृपा कैसे बरसती है ,और कब बरसती हैं

                  प्रभु की कृपा सभी पर हमेशा बरसती रहती है


  दयामय प्रभु की कृपा सभी पर सदा बरसती रहती है। अन्यथा जीव - मनुष्य सुख की सांस नहीं ले सकता है। तीर्थ में सब की कामनाएं पूर्ण होती हैं। प्रभु एक ना एक कष्ट चिंता इसलिए देते हैं कि प्राणी हमारा स्मरण करें। भक्तों का जीवन चरित्र प्रेरणादायक रहता है। हर भक्त ने भगवान का चिंतन और विश्वास करके भगवान को पाया और सद्बुद्धि प्राप्त की। सद्बुद्धि बनी रहे इसी बात की तो आवश्यकता है। इससे प्राणियों के प्रति प्रेम बना रहता है। अपने वर्णाश्रम के कर्तव्य को यदि सच्चाई के साथ पालन किया जाए तो इसी से प्रभु संतुष्ट हो जाते हैं। मन की प्रसन्नता, प्रभु की कृपा का अनुभव कराती है
( दादा गुरु महाराज जी मलूक पीठ वृंदावन के मुख से

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